जुकाम का इलाज, लक्षण, बचाव और सावधानियाँ – How to cure common cold in Hindi

सर्दी जुकाम है तो सामान्य रोग जो प्रायः जाड़े और बरसात के मौसम में हो ही जाता है| कभी कभी गर्मी के मौसम में भी लापरवाही बरतनें से हम इसको न्यौता दे देते हैं| साधारण तौर पर जुकाम होने पर नाक बहना, सूखी या कफ के साथ खाँसी आना, आँखों में जलन,कानों में खुजली, बदन दर्द, गले में खरास, भूख़ ना लगना जैसे लक्षण नजर आते हैं|

वैसे तो जुकाम का इलाज (Jukam ka ilaj) करने के लिए आयुर्वेद में बहुत से देसी नुस्खे बताये गए हैं फिर भी हमारा मानना है कि आप इलाज के पहले रोग को अच्छे से समझ लें जिससे आप जुकाम के घरेलू नुस्खे के बारे में भी सही से समझ पायेंगें|

हमारे इस लेख में आप विस्तारपूर्वक जानेगें:-

सर्दी जुकाम के लक्षण – Symptoms of cold in Hindi
सर्दी जुकाम होने के कारण – Causes of cold in Hindi
सर्दी जुकाम का घरेलू इलाज – How to cure cough and cold in Hindi (Sardi Jukam ke desi nuskhe)
सर्दी जुकाम के दौरान सावधानियाँ – Precautions for cold in Hindi
सर्दी जुकाम से बचाव – Preventions of common Cold in Hindi

सर्दी जुकाम के लक्षणSymptoms of cold in Hindi

  • नाक बहना और बंद रहना
  • गले में खरास
  • सूखी या कफ के साथ ख़ासी आना
  • सांस लेनें में तकलीफ होना
  • बदन दर्द और सर दर्द होना
  • छींक आना
  • हल्का बुखार
  • असहज महसूस होना
  • भूख कम लगना
  • आँखों और कानों में खुजली
  • स्वाद तथा गंध महसूस ना होना

वैसे तो सर्दी जुकाम के यह सामान्य लक्षण कुछ दिनों में अपने आप दूर हो जाते हैं पर यदि ये लक्षण लम्बे समय तक बरकरार हैं तो आप को बिना लापरवाही किये किसी अच्छे चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए खासतौर से तब-जब की आपकी इम्युनिटी (रोगों से लड़ने की क्षमता) कमजोर है, आप पहले से किसी गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं, यदि सर्दी जुकाम से पीड़ित बच्चे की उम्र 6 साल से कम है|

क्योंकि सही समय पर इलाज ना मिलने पर सामान्य दिखने वाली सर्दी-खांसी भी गंभीर बीमारी का रूप ले सकती है, जैसे:-

कान का संक्रमण:- जब जुकाम का संक्रमण फैल कर कान के परदे के पीछे तक पहुंच जाता है तो हमें कान में खुजली और दर्द महसूस हो सकता है|

दमा:- जुकाम के कारण आपको दमे का अटैक भी आ सकता है|

साइनस:- जुकाम के लिए जिम्मेदार विषाणु आपके साइनस को भी संक्रमित कर सकते हैं|

न्यूमोनिया और ब्रोंकिओलिटिस:- यदि संक्रमण फेफड़ों तक पहुँच जाता है तो आपको न्यूमोनिया और सांस की नली में सूजन (bronchiolitis) जैसी बीमारियां भी हो सकती है|

अर्थात, यदि साधारण सर्दी के लक्षण समय से नहीं जा रहे तो यथाशीघ्र किसी अच्छे चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें|

जुकाम के कारणCauses of cold in Hindi

आधुनिक वैज्ञानिक शोधों के अनुसार 200 से अधिक विषाणुओ के कारण जुकाम का संक्रमण होता है जिसमें राइनो वायरस (Rhinovirus) नाम का विषाणु सबसे ज्यादा जिम्मेदार माना जाता है|

यदि आप किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आते हैं तो ये वायरस यह वायरस आपके मुँह, आँख या नाक के माध्यम से आपके शरीर में प्रवेश कर जाता है और आपको भी संक्रमित कर देता है|

जाड़े के मौसम में वातावरण शुष्क होनें के कारण हमारी नाक भी अंदर से शुष्क हो जाती है ऐसी परिस्थियों में हमारी नाक के अंदर का वातावरण इन विषाणुओं को पनपनें के लिए एक बेहतर स्थान देता है और यहीं से संक्रमण हमारे शरीर के दूसरे अंगों तक पहुँचता है|

अर्थात, यदि हम जाड़े के मौसम में अपनी नासिका में पर्याप्त रूप से तरावट बनाये रखे तेल या घी के माध्यम से तो हम संक्रमण से काफी हद तक बच सकते हैं और यह जुकाम का रामबाण इलाज भी है|

इसीलिए जाड़े के मौसम में भी उचित मात्रा में पानी पीते रहने की सलाह दी जाती है जिससे कि शरीर में पर्याप्त तरावट बनी रहे और विषैले पदार्थ बाहर निकलते रहें|

आयुर्वेद के अनुसार जुकाम एक कफ जनित रोग है मतलब यदि शरीर में कफ का प्रकोप सीमा से ज्यादा हो जाता है तो सर्दी जुकाम के लक्षण नजर आते हैं|

यदि व्यवहारिक रूप से देखा जाए तो गर्मी के मौसम में बहुत ज्यादा ठंडा पानी पीने से, धूप से आने के बाद तुरंत AC या कूलर की हवा लेने से और तुरंत पानी पीने से जुकाम होने का खतरा बढ़ जाता है|

इसी प्रकार बरसात के मौसम में बरसाती पानी में भीगना, नम कपडे पहनना, नंगे बदन बरसाती हवा का आनंद लेना सर्दी जुकाम को न्यौता देते हैं|

जाड़े का तो मौसम ही ठंडी का है, तो इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी जुकाम का कारण बन सकती है इसलिए इस दौरान आपको सबसे ज्यादा सतर्क रहने की जरुरत होती है| 

सर्दी जुकाम का इलाजHow to cure cold in Hindi

#1. काढ़ा

काढ़ा जुकाम का सबसे कारगर घरेलू उपाय (Home Remedies) है| काढ़ा न केवल सर्दी जुकाम छुटकारा दिलाता है बल्कि आपकी रोगो से लड़ने की क्षमता को भी बढ़ता है| आप निम्न विधि से आसानी से लिए काढ़ा तैयार कर सकते हैं:-

1 गिलास पानी में, 5 से 5 तुलसी के पत्ते, 1 इंच अदरक, 5 काली मिर्च के दाने और 4 लौंग (कूट कर), एक चौथाई चम्मच हल्दी को एक साथ मिला कर पानी को ढक कर मध्यम आँच उबालें जब तक की पानी आधा ना रह जाये अब इस मिश्रण में एक चम्मच शहद मिला कर गरम गरम घूँट घूँट करके पियें|

अधिकतम फायदे के लिए काढ़ा पीने के एक घंटे पहले और एक घंटे बाद तक कुछ भी खाये या पीये नहीं|    

#2. मसालेदार चाय

आप अपने जुकाम का इलाज स्वादिष्ठ चाय के माध्यम से हैं, मसालेदार चाय में औषधि गुण ज्यादा होता है जिसको निम्न विधि द्वारा आसानी से तैयार किया जा सकता है:-

डेढ़ कप पानी में, आधा कप दूध, 2 हरी इलायची, 5 दाने काली मिर्च और 4 दाने लौंग के कूट कर, 1 चम्मच सौंफ, छोटा टुकड़ा गुड़, 4 से 5 तुलसी के पत्ते लेकर इन सब को एक साथ मिला कर चाय तैयार करे और इसे छान कर घूँट घूँट करके गरम गरम पीये इससे बहुत फायदा होता है|

#3. नमक के पानी से गरारा

यदि आपके गले में खरास है तो 1 गिलास गरम पानी में (पीने योग्य) 2 चम्मच नमक मिला कर गरारा करे इससे आपको बहुत आराम मिलेगा|

#4. लहसून और शहद

4 से 5 लहसून के कलियों को 1 चम्मच शहद में लगा कर चबा कर खाए इससे आपको काफी निजात मिलेगा|

#5. भाप का सेवन करें

1 भगोनें पानी को उबालें और मुँह ढक इस भाप का सेवन करे अर्थात सांस ले इससे जुकाम के संक्रमण के कारण सभी ब्लॉकेज खुल जाएंगे|

लेकिन भाप लेते समय आपको निम्न सावधानियों को ध्यान में रखना है:-

  • भाप हमेशा आँख बंद करके लें|  
  • सर को ढक करके भाप लें| 
  • भाप लेने के बाद तुरंत पंखे के संपर्क में ना आयें|      

#6. धूप में बैठे

धूप ना तो केवल विटामिन D का एक अच्छा प्राकृतिक स्रोत है बल्कि नियमित रूप से धूप का सेवन करने से हमारी इम्युनिटी (रोगो से लड़ने की क्षमता) भी बढती है| जैसा की हमने पहले ही बताया है की सर्दी जुकाम शरीर में कफ दोष के असंतुलन के कारण होता है इसलिए जुकाम के दौरान धूप लेने से अग्नि तत्त्व की वृद्धि होती है जो असंतुलित कफ दोष को नियन्त्रित करता है| 

#7. लहसून और सरसों के तेल से मालिश करें

एक बड़ा चम्मच सरसों का तेल लें, उसमे 2 से 3 लहसून की कलियाँ छोटे टुकड़े करके डाले आधा छोटा चम्मच अजवाइन डाल कर तेल को मध्यम आँच पर गरम करें, जब धुआँ निकलना प्रारम्भ हो जाए तो उस धुवें को सूंघे इससे आप को काफी राहत मिलेगी साथ ही साथ ये बंद नाक में भी लाभदायक होता है|

जब तेल छूने लायक हो जाए तो, गले, सीने, तलवे और पीठ पर तेल की मालिश करें और थोड़ी देर गरम कपड़े से ढक कर रखें इससे आप काफी आराम महसूस करेगें|    

जुकाम के दौरान सावधानियाँ Precautions for cold in Hindi

वैसे तो सर्दी जुकाम के लिए वैज्ञानिकों ने अभी तक कोई सटीक दवा की खोज नहीं की है, मेडिकल दवाएं केवल इसके लक्षण को नियंत्रित करती है| जुकाम होनें पर इसके लक्षण कुछ दिनों में खुद ही चले जाते हैं, फिर भी यदि आप जुकाम के दौरान इन सावधानियों को बरतेगें तो आप को बहुत जल्दी आराम मिलेगा साथ ही साथ जुकाम के दौरान आपको कष्ट भी कम होगा|

  • पैरों में मोजे (जुराबे) पहन कर सोये यदि नही संभव है तो कम से कम पैरो को ढक ले जिससे गर्माहट बनी रहे|
  • ठंडी तासीर वाली चीजें ना खाए पिए|
  • हल्का खाये और आराम करें|
  • ज्यादा तली चीजें से परहेज करें यदि संभव हो तो गाय का घी का ही प्रयोग करें|
  • ज्यादा खांसी आने पर लौंग या मुलेठी का टुकड़ा मुँह में एक तरफ दबा कर रखें इससे खांसी तुरंत रुक जाएगी|
  • खूब पानी पीयें जिससे शरीर में तरावट बनी रहे|
  • बायें तरफ करवट ले कर सोयें जिससे रात में खाँसी कम आएगी|
  • ताजे पानी या हल्के गरम पानी से ही नहायें|
  • खाँसतें या छीकतें समय मुँह और नाक को रूमाल से ढक लें जिससे दूसरे लोग संक्रमण से बचे रहेंगे|
  • अपने हाथ को बार बार साबुन से धोते रहें|
  • बहुत गरिष्ठ भोजन से परहेज करें| 
  • नाक में सरसों का तेल या गाय के घी की कुछ बूँदें दाल लें जिससे नाक के अंदर तरावट बनी रहे और विषाणु को पनपनें के लिए उचित स्थान ना मिल सके| 

सर्दी जुकाम होनें पर डॉक्टर को कब दिखाया जाए

वैसे सर्दी जुकाम है तो सामान्य बीमारी फिर भी यदि समय के साथ इसके लक्षण कम नहीं हो रहे या और बिगड़ते जा रहे हैं तो आप जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें|

जुकाम के घरेलू इलाज के दौरान यदि व्यस्क और बच्चे में निम्न लक्षण दिखे तो जल्द से जल्द डॉक्टर को संपर्क करें-

व्यस्क के लिए

  • बुखार 101.3 F से ज्यादा होने पर
  • बुखार 5 दिन से ज्यादा होने पर
  • यदि सांस लेने में तकलीफ हो रही है या सांस छोटी हो रही है
  • सीने में घरघराहट होना
  • गले में सामान्य से ज्यादा खरास होने पर
  • साइनस या तेज सर दर्द होने पर 

बच्चों के लिए (6 साल की उम्र से कम)-

  • बुखार 100.4 F या इससे ज्यादा होने पर
  • तेज सिरदर्द या बहुत कफ आने पर
  • बहुत थकान लगना
  • कान में दर्द होना
  • भूख न लगने पर
  • सीने में घरघराहट होना  
  • लक्षण यदि और बिगड़ते जाए या समय के साथ ठीक नहीं हो रहें है तो फ़ौरन डॉक्टर से परामर्श करें|

जुकाम से बचाव  – Preventions of common Cold in Hindi

कहा जाता है, Precaution is better than cure अर्थात इलाज से बचाव बेहतर है| जुकाम का इलाज करने की अपेछा यदि आप इन सावधानियों का ध्यान रखेगें तो आप इलाज के खर्चे और जुकाम के दौरान होने वाली मानसिक और शारीरिक पीड़ा से भी बचे रहेगें| 

गुड़ और अदरक का मिश्रण

जाड़े में 1 बड़े गुड़ के टुकड़े को 2 इंच कदूकस किये हुए अदरक के साथ पकाये पानी इतना ही प्रयोग करें की ठंडा होने पर मिश्रण जम कर कठोर ना हो जाये| इस मिश्रण को किसी काँच की शीशी में ढक कर रखें|

नियमित रूप से प्रत्येक सुबह एक चम्मच मिश्रण का सेवन करें बस ये ध्यान रखें कि इसके सेवन के बाद आपको किसी भी ठंडी चीज को नहीं खाना है|

यह तरीका बेहद आसान और कारगर है, इस तरीके को आज़मा के देखें सर्दी आपसे कोसो दूर रहेगी|  

मौसम के अनुसार बचाव करें

सर्दियों में सर और कान को ढक कर रखें यदि आपके सर पर बाल कम हैं तो ढक कर अवश्य रखें जिससे रात में गिरने वाली ओस का प्रभाव आप पर ना पड़े|

गर्मी में बहुत ज्यादा ठंडा पानी ना पिए, धूप से आने पर तुरंत कूलर या AC की हवा न लें ना ही तुरंत पानी पीये|

बरसात में पानी में ना भींगे, नंगे बदन बरसाती हवा का आनंद ना लें, नम कपडे ना पहनें|

धूम्रपान ना करें

धूम्रपान का सेवन हमारी वायुमार्ग को काफी हानि पहुँचता है जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है और हमें बार बार सर्दी जुकाम होता ही रहता है और तो और यदि आप धूम्रपान करते हैं तो आपको सर्दी के कारण होनें वाली जटिलताओं का भी सामना करना पड़ सकता है|  

तनाव कम लें

अत्यधिक तनाव लेने से हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता पर बुरा असर पड़ता है और हम बार बार बीमार पड़ने लगते है| यदि आपके काम के कारण आपको तनाव लेना भी पड़ जाता है तो नियमित रूप से प्राणायाम और ध्यान करें और अपना काम व्यवस्थित रखें|

हल्का खाये और पर्याप्त नींद लें

आयुर्वेद में कहा गया है की व्रत ही सबसे बड़ा इलाज है, इसलिए जहाँ तक संभव हो हफ्ते में एक बार व्रत (उपवास) जरूर रखें जिससे आपके शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को पर्याप्त समय मिल सके रोगो से लड़ने के लिए|

इसके साथ ही पर्याप्त रूप से नींद लेने से भी शरीर को काफी आराम मिलता है और रोगो से लड़ने की क्षमता भी बढ़ती है|

जीवनशैली में परिवर्तन

अंत में यही कहूँगा कि अपनी जीवनशैली (Lifestyle) में सकारात्मक परिवर्तन करें जिससे आपकी रोगो से लड़ने की क्षमता मजबूत हो और आपसे सर्दी जुकाम जैसे छोटे रोगो से ले कर बड़े रोग भी दूर रहें|  

उम्मीद है कि, आपको मेरा ये लेख (जुकाम का इलाज, लक्षण, बचाव और सावधानियाँ) पसंद आया होगा, यदि आपको इस लेख में कोई त्रुटि या सुझाव नजर आता है तो कमेंट करें हमारी टीम जल्द से जल्द आपकी सुझाव पर विचार करेगी|

यदि आपके पास भी सर्दी को दूर करने का कोई नुस्खा है तो हमें शेयर करें या कमेंट करें हमें आपके सुझाव को अपनी वेबसाइट में जोड़ने में बड़ी खुशी होगी|

धन्यवाद…  

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